रचना उत्सव में प्रकाशित गीत

रचना उत्सव पत्रिका
अगस्त माह के अंक में प्रकाशित दो गीत!



 



1 टिप्पणी:

  1. आपका यह गीत पढ़ते ही मन में एक शांत और गहरा भाव जागता है। आपने प्रेम, प्रतीक्षा और समर्पण को बहुत सादगी से शब्द दिए हैं। शब्दों में कोमलता भी है और एक हल्की सी तड़प भी महसूस होती है। खास बात यह लगी कि आप पड़ने वाले को भी इस भाव में शामिल कर लेते हैं।

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