मैं नहीं खेलूँगी होरी
देखो श्याम मैं नहीं खेलूँगी होरी
मै नहीं खेलूँगी होरी ...
तन मोरा भीजे,मन मोरा खीझे
मत करो तुम बरजोरी
देखो श्याम ...
गोरा बदन मोहें रंग नहीं भावे
भीजत चुनरी कोरी
देखो श्याम...
मोहे बिरज की होरी न बिसरे
नाचत गावत गोरी
देखो श्याम...
गलियन गलियन धूम मचावत
आवत छोरा छोरी
देखो श्याम...
ढोल मजीरा नौबत बाजत
बजत मुरलिया तोरी
देखो श्याम ...
श्याम सुंदर मारी भर पिचकारी
बिहँस परी राधा गोरी
देखो श्याम...
**जिज्ञासा सिंह**
