है बड़ा सेमिनार ।
सुरक्षा, स्वावलंबन
सशक्तिकरण वा अधिकार ।।
विमर्शों का बड़ा जमघट
तालियों की गड़गड़ाहट
चल रही है कहीं कोने
दूर मन में एक आहट
चार मुख और आठ आंखें
प्रश्न को तैयार ।।
पीढ़ियों का संविधान
उनकी विधि उनका विधान
कितनी दूरी मापनी है
है लगा पग पग निशान
कहने को तो चल पड़े हैं
दूर है बाजार ।।
है बड़ा सेमिनार ।
सुरक्षा, स्वालंबन
सशक्तिकरण वा अधिकार ।।
महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐
**जिज्ञासा सिंह**