नई करेंसी धूम करेगी… नवगीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
नई करेंसी धूम करेगी… नवगीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

नई करेंसी धूम करेगी

 

रेशे-रेशे घुसे पड़े हैं दांतों में

भजिया अब घर नहीं बनेगी ।

जली पराली धुआँ भरा है साँसों में

भंडरिया क्या ख़ाक भरेगी ?


तपी दोपहर, चला नहीं

पानी का इंजन ।

खेत सूखते खलिहानों में

भटके खंजन ॥

जमा-बचा गुल्लक का रुपया,

डॉलर बन कर घूम रहा परदेसों में ।

सेंसेक्स में नई करेंसी धूम करेगी ॥


गई जवानी लौट नहीं आयेगी

जितनी जुगत लगा लो ॥

पॉप गाओ, रैपर बन जाओ

भोजपुरी-अवधी अब गा लो ॥

रंग-मंच पे धूम मची, देखो जमजम के, 

योगा-जिम करने वाले संग-संग नाचेंगे ।

मुद्रा नव-नव रूप बदलकर ऐश करेगी ॥


अरे! कहा था नहीं परेशॉं 

होना तुम जग बदलेगा ।

रोटी नून बदल जाएगा

पिज़्ज़ा-बर्गर घर पहुँचेगा ॥

एक हाथ से लेते रहना,कर्ज बैंक से,

ड्योढ़ी पर किश्तों पे किश्तें दे जाएँगे ।

बैंक पॉलिसी आवभगत अब खूब करेगी ॥


**जिज्ञासा सिंह**