तू
परी
लाडली
नैन बसी
मन मोहिनी
आँचल में लेटी
राजदुलारी बेटी ।।
वो
पुत्री
हृदया
विश्वजया
कुल तारिनी
सदैव बंदिनी
सुश्री दिव्यदर्शिनी ।।
क्यूँ
बेटी
सजीले
कजरारे
नैन रत्नारे
नींद से बोझिल
झील से झिलमिल ?
रे
सुता
पहन
आभूषण
मोती रतन
रम्य परिधान
बिखेर दे मुस्कान ।।
है
सोना
गहना
मोतीमणि
अलंकरण
जीवन श्रृंगार
बेटी खुशी हजार ।।
जिज्ञासा सिंह
सभी को बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐