उतर गए मन में गहरे श्याम

 

उतर गए मन में गहरे श्याम 

अंतर्मन एक छाया उपजी

देखा तो घनश्याम 

उतर गए मन में गहरे श्याम 


एक दिया अमृत का प्यासा

बूँद-बूँद को तरसे 

बहे पवन संग उड़-उड़ देखे

धरती भी अम्बर से 

पात-पात कण-कण के वासी

रहते चारों याम 

उतर गए मन में गहरे श्याम 


पुत्र बने तुम,सखा बने तुम

प्रियतम मुरली वाले 

चोर बने माखन चोरी की

चरवाह बने,तुम ग्वाले 

माया-मोह मिटायी नटवर

ख़ास से बन गए आम  

उतर गए मन में गहरे श्याम 


भूल गई वो विराट दृश्य 

जो देखा रणभूमि पर 

मानव तन धरि द्वार पधारे

क्या जानूँ हैं गिरधर ?

मन पहचाने चक्षु ना जाने

देखूँ मैं अविराम 

उतर गए मन में गहरे श्याम 


**जिज्ञासा सिंह**

26 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. बहुत बहुत आभार आपका।जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🌼🌼🏵️🏵️

      हटाएं
  2. उत्तर
    1. बहुत आभार आपका।जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🌼🌼🏵️🏵️

      हटाएं
  3. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार(१९-०८ -२०२२ ) को 'वसुधा के कपाल पर'(चर्चा अंक -४५२७) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  4. रचना के चयन के लिए आपका बहुत आभार अनीता जी ।जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🌼🌼🏵️🏵️

    जवाब देंहटाएं
  5. उत्तर
    1. जिज्ञासा सिंह21 अगस्त 2022 को 2:50 pm

      बहुत बहुत आभार शिवम् जी ।

      हटाएं
  6. बहुत खूबसूरत गीत जिज्ञासा जी ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जिज्ञासा सिंह21 अगस्त 2022 को 2:55 pm


      बहुत बहुत आभार शुभा जी ।

      हटाएं
  7. बहुत सुंदर गीत । गहरे उतर गए श्याम ।

    जवाब देंहटाएं
  8. भक्ति भाव से ओतप्रोत बहुत ही प्यारा गीत,जय श्री कृष्ण

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत बहुत आभार प्रिय कामिनी जी।

    जवाब देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर भक्ति रस से सम्पन्न मनमोहक गीत ।

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत बहुत आभार आपका मीना जी ।

    जवाब देंहटाएं
  12. बहुत सुन्दर गीत

    जवाब देंहटाएं
  13. जय श्री कृष्ण ! मनोरम गीत

    जवाब देंहटाएं
  14. बहुत बहुत आभार आदरणीय दीदी।

    जवाब देंहटाएं
  15. 'उतर गए मन में गहरे श्याम' - वाह ..बहुत सुंदर। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  16. जिज्ञासा सिंह24 अगस्त 2022 को 8:22 am

    बहुत बहुत आभार वीरेन्द्र जी ।

    जवाब देंहटाएं
  17. बहुत सुंदर रचना
    जय श्री कृष्णा 🙏

    जवाब देंहटाएं
  18. जिज्ञासा सिंह25 अगस्त 2022 को 8:45 am

    बहुत बहुत आभार आपका । ब्लॉग पर आपकी उपस्थिति का हार्दिक स्वागत है🌺🌺

    जवाब देंहटाएं